Sri Vishwakarma Nyas Samiti                                                      श्री विश्वकर्मा न्यास समिति  

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News

Objective and Programme


Objective :-  Aware the religious consciousness for strenthening the confidence of the society and convert the thinking in positive direction. Aware the cultural consciousness to flow spirit, ecstasy and inspiration in the society under Sri Vishwakarma consciousness Awarness Campagn and establish grand social unity. Aware the social consciousness to remove unnecessary expensive, outdated old customs. Make the society healthy, happy and knowledgeful.

Special Programme :-  Celebrate Lord Vishwakarma Prakatya Mahotsawa on Magh Sukl Paksh Trayodashi and Lord Vishwakarma Pooja Mahotsawa on 17th September, Lord Vishwakarma Bodh Katha, Sri Vishwakarma Chintan Baithak, group marriage programme, Construct a splendid temple of Lord Vishwakarma in more than 5 acres land, construct Dharamshala and student lodge on district level.

Main Programme :- Sri Vishwakarma weekly group prayer programme,

General Programme :-  Publish glorious myth and teachings of Lord Vishwakarma through Sri Vishwakarma Vani and establish glorious and certified super cultural thoughts. Develop Sri Vishwakarma Satsang Mandali, Sri Vishwakarma Bhajan Mandali, Sri Vishwakarma Bhajanawali and modern priest chain: organise Sri Vishwakarma Sewa Dal and writers group.

Promote educational and health developing institutions like college, school, library, coaching centers, counceling cell and hospital. Organise free health check-up and blood donation programme. Co-operative society under Social Welfare and Development Programme.

उद्देश्य और कार्यक्रम
उद्देश्य :-  “श्री विश्वकर्मा स्वाभिमान जागरण अभियान” के माध्यम से धार्मिक चेतना जाग्रत कर समाज के आत्मबल, आत्मविश्वास को सबल बनाना और चिन्तन को सकारात्मक दिशा देना। सांस्कृतिक चेतना जाग्रत कर समाज में उत्साह, उमंग एवं ऊर्जा का संचार कर व्यापक सामाजिक एकता स्थापित करना। सामाजिक चेतना जाग्रत कर कुरीतियों एवं कुप्रथाओ को दूर करना। स्वस्थ, खुशहाल एवं ज्ञान आधारित समाज का निर्माण करना।

विशेष कार्यक्रम :-  माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को भगवान श्री विश्वकर्मा प्राक्ट्य महोत्सव, 17 सितंबर को भगवान श्री विश्वकर्मा पूजा महोत्सव, भगवान श्री विश्वकर्मा बोध कथा, श्री विश्वकर्मा चिन्तन बैठक, सामूहिक वैवाहिक कार्यक्रम, पाँच एकड़ से अधिक भूमि में भगवान श्री विश्वकर्मा के भव्य मंदिर का निर्माण करना, जिला स्तर पर धर्मशाला एवं छात्रावास का निर्माण करना।

प्रमुख कार्यक्रम :-  भगवान श्री विश्वकर्मा साप्ताहिक सामूहिक वन्दना।

सामान्य कार्यक्रम :-  “श्री विश्वकर्मा स्वाभिमान जागरण अभियान” के अंतर्गत सांस्कृतिक चेतना जाग्रत करने के उद्देश्य से भगवान श्री विश्वकर्मा की महिमा, गरिमा, ज्ञान एवं उपदेश की कथाओ का पत्रिका श्री विश्वकर्मा वाणी के माध्यम से प्रचार-प्रसार करना; सांस्कृतिक श्रेष्ठता के शास्त्रीय रूप से प्रमाणिक एवं गरिमामय विचारों की स्थापना कर समाज का मनोबल बढ़ाना। श्री विश्वकर्मा सत्संग मंडली, श्री विश्वकर्मा भजन मंडली, श्री विश्वकर्मा भजनावली एवं आधुनिक पुरोहित श्रृंखला का निर्माण करना; श्री विश्वकर्मा सेवा दल एवं लेखक समूह का गठन करना।  

सामाजिक कल्याण एवं विकास योजनाओ के अंतर्गत महाविद्यालय, विद्यालय, पुस्तकालय, कोचिंग सेंटर, काउंसिलिंग सेल, अस्पताल, को-ओपरेटिव सोसायटी, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर एवं रक्तदान शिविर का आयोजन करना।

Om Vishwakarmanen Namh
Vishwa Sarva Karma kriyaman Mashya Sah Vishwakarma
One who is expert, specialist, master in the whole work of the world is called Vishwakarma

ॐ विश्वकर्मणे नमः
“विश्व सर्व कर्म क्रियामाण मस्य स: विश्वकर्मा”
विश्व के समस्त विभिन्न कर्मो को करने में जो कुशल है, प्रवीण है, पारंगत है, वह विश्वकर्मा है |
आरती
जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा।
सकल सृष्टि के कर्ता.....2, रक्षक श्रुति धर्मा, प्रभु रक्षक.......।
जय श्री विश्वकर्मा ...........
आदि सृष्टि में विधि को.....2, श्रुति उपदेश दिया..... प्रभु श्रुति..... ।
जीव मात्र का जग में......2, ज्ञान विकास किया..... प्रभु ज्ञान..... ।।
जय श्री विश्वकर्मा ...........
ऋषि अंगिरा तप से.....2, शांति नहीं पाई..... प्रभु शांति...... ।
ध्यान किया जब प्रभु का...... 2, सकल सिद्धि पाई...... प्रभु सकल..... ।।
जय श्री विश्वकर्मा ...........
रोग ग्रस्त राजा ने....... 2, जब आश्रय लीना....... प्रभु जब........ ।
संकट मोचक बनकर...... 2, दूर दु:ख कीना..... प्रभु दूर..... ।।
जय श्री विश्वकर्मा ...........
जब रथकार दंपति ने...... 2, तुम्हारी टेर करी..... प्रभु तुम्हारी..... ।
सुनत दीन प्रार्थना...... 2, विपत्ति हरी सगरी...... प्रभु विपत्ति...... ।।
जय श्री विश्वकर्मा ...........
एकानन चतुरानन...... 2, पंचानन राजे...... प्रभु पंचानन ...... ।
द्विभुज चतुर्भुज दशभुज..... 2, सकल रूप साजे..... प्रभु सकल ..... ।।
जय श्री विश्वकर्मा ...........
ध्यान धरे जब प्रभु का...2, मनोवांछित फल पावै... प्रभु मनोवांछित...।
मन द्विविधा मिट जावे.....2, अटल शांति पावै...... प्रभु अटल..... ।।
जय श्री विश्वकर्मा ...........
प्रभु विश्वकर्मा की आरती..... 2, जो कोई गावै.... प्रभु जो..... ।
भजत गजानंद स्वामी....2, सुख संपति पावै..... प्रभु सुख...... ।।
जय श्री विश्वकर्मा ...........
Programme

20-Feb-2016 to 24-Feb-2016 Sri Vishwakarma Prakatya Mahotsava
21-Feb-2016 Sri Vishwakarma Vaivahik Parichay Sammelan (One day Programme)
10-Apr-2016 Sri Vishwakarma Chintan Baithak
17-Sep-2016 Sri VishwaKarma Puja Mahotasava
 
Address
Sri Vishwakarma Nyas Samiti
Tulsi Bhawan, Pathal Road, Manitola, Hinoo
Ranchi, Jharkhand, India, Pin - 834002.
Email ID: srivishwakarmans.1997@gmail.com
Ph. 09431355493, 09798757093
Website: www.srivishwakarmans.com
Bank A/c. No. 1642101018823
(Canara Bank, Doranda Branch, Ranchi)